हरिद्वार: आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगी नजर आ रही है। सुबह 4 बजे से ही मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर और माया देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया।
माया देवी मंदिर, जिसे हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, में विशेष रूप से भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है, यही वजह है कि दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है।
पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालु जुटने लगे और पूरा परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा।
मनसा देवी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
शिवालिक पर्वत पर स्थित मनसा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्त माता के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी पंकज तिवारी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और भोग अर्पण किया जाता है।
मां मनसा देवी की पौराणिक मान्यता
पौराणिक कथा के अनुसार, महिषासुर के अत्याचारों से त्रस्त देवताओं ने मां दुर्गा का आह्वान किया था। तब मां ने दिव्य रूप धारण कर महिषासुर का वध किया और संसार को उसके आतंक से मुक्त कराया। माना जाता है कि मां मनसा देवी का स्वरूप मन की शक्ति से प्रकट हुआ, इसी कारण उन्हें ‘मनसा देवी’ कहा जाता है।
भक्ति में डूबा हरिद्वार
नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा से की गई आराधना से मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं और उन्हें सुख, समृद्धि व सुरक्षा का आशीर्वाद देती हैं।
कुल मिलाकर, चैत्र नवरात्रि के पहले ही दिन हरिद्वार में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां हर ओर भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।







