देहरादून: आगामी 19 अप्रैल को Gangotri Dham और Yamunotri Dham के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। यात्रा शुरू होने में अब महज एक महीने का समय शेष है, ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
हर साल लाखों श्रद्धालु Kedarnath Dham और Badrinath Dham सहित चारों धामों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने में सड़क मार्गों की भूमिका बेहद अहम होती है। हालांकि, वर्तमान में कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह दुरुस्त नहीं हैं, जिसके चलते विभागीय स्तर पर काम तेज कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami स्वयं चारधाम यात्रा की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों को पूरी तरह ठीक किया जाए।
इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने गंगोत्री यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया, जबकि अपर सचिव ने केदारनाथ और बदरीनाथ मार्गों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर खामियां सामने आईं, खासकर उन इलाकों में जहां पिछले वर्ष भूस्खलन के कारण सड़कों को नुकसान पहुंचा था।
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। यात्रा के दौरान कई बार मलबा आने से सड़कें बाधित हो जाती हैं, जिससे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां मशीनों की तैनाती पर जोर दिया गया है, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तुरंत यातायात बहाल किया जा सके।
लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि अगले एक महीने के भीतर सभी खामियों को दूर कर लिया जाएगा। साथ ही, संभावित संवेदनशील क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्गों की भी योजना तैयार की जा रही है, जिससे आपात स्थिति में आवागमन प्रभावित न हो।
प्रशासन का कहना है कि इस बार चारधाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।







