रुद्रप्रयाग: आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब मात्र 18 दिन शेष हैं, ऐसे में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में दूरसंचार टीम उपनिरीक्षक कपिल नैथानी के नेतृत्व में केदारनाथ धाम पहुंच चुकी है। टीम ने पूरे पैदल मार्ग और धाम क्षेत्र में वायरलेस सिस्टम को पुनर्स्थापित करने का काम शुरू कर दिया है। ट्रायल के तौर पर सभी पुलिस चौकियों को नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सके।
बर्फबारी के बीच संचार व्यवस्था मजबूत:
दूरसंचार टीम ने बर्फबारी के बीच रुद्राप्वाइंट के पास वायरलेस सेट स्थापित कर जिला नियंत्रण कक्ष से सफल संपर्क स्थापित किया है। इसके साथ ही सैटेलाइट फोन के जरिए वैकल्पिक संचार व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है।
हाईटेक निगरानी के पुख्ता इंतजाम:
इस वर्ष यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में 181 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। 21 प्रमुख स्थानों पर पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को मौसम और मार्ग से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और जिला मुख्यालय समेत विभिन्न क्षेत्रों में 6 ड्रोन तैनात किए जाएंगे, जो भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करेंगे।
संचार को और मजबूत करने के लिए 30 स्थिर और 100 हैंडहेल्ड वायरलेस सेट पुलिस कर्मियों को दिए जाएंगे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
बदरीनाथ हाईवे का निरीक्षण:
यात्रा की तैयारियों के तहत पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने रुद्रप्रयाग से चमोली सीमा तक बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कमेड़ा स्लाइडिंग जोन का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य पूरा:
केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। डीडीएमए की टीम ने कुबेर और भैरव ग्लेशियर क्षेत्रों में कड़ी मेहनत कर रास्ता तैयार किया है। अब मालवाहक घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री और जरूरी सामान धाम तक पहुंचाया जा रहा है।
15 अप्रैल तक पूरी होंगी सभी तैयारियां:
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि 22 अप्रैल को कपाट खुलने से पहले 15 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर समिति भी जुटी तैयारियों में:
बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की टीम भी धाम पहुंचकर बर्फ सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटी हुई है। समिति ने दावा किया है कि इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर से डोली रवाना होगी और 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
इस बार प्रशासन हाईटेक निगरानी और मजबूत व्यवस्थाओं के साथ यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने की पूरी तैयारी में है।







