राजधानी देहरादून में मुजफ्फरनगर निवासी छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या के विरोध में शुक्रवार को किसानों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान देहरादून पहुंचे और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है।
सुबह से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से किसान देहरादून के आईएसबीटी के पास आशारोड़ी चौकी पर एकत्रित होने लगे थे। सभी किसान दिव्यांशु जटराना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। किसानों की बढ़ती भीड़ और आक्रोश को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया।
प्रदर्शन के दौरान पहले पुलिस अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुई। एसपी सिटी स्तर पर बातचीत से समाधान नहीं निकलने पर एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल खुद मौके पर पहुंचे और किसान नेता राकेश टिकैत समेत अन्य प्रतिनिधियों से बातचीत की। लंबी वार्ता के बाद सहमति बनी, जिसके तहत 13 सदस्यीय किसान कमेटी का गठन किया गया।
इस कमेटी को मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय दिया गया, जहां दिव्यांशु हत्याकांड को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद किसानों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया, लेकिन स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक 13 सदस्यीय कमेटी सक्रिय रहेगी और पूरे मामले की निगरानी करती रहेगी।
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि कमेटी को जांच से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। वहीं, पुलिस ने भी मामले में तेजी से कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही फरार आरोपियों पर इनाम राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि उनका भी उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बीच किसानों ने साफ किया है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।







