रुद्रप्रयाग: 22 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग पुलिस ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं और अग्रिम रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है।
16 सदस्यीय टीम ने किया पैदल निरीक्षण
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) विकास पुण्डीर के नेतृत्व में 16 सदस्यीय एडवांस टीम को गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम तक निरीक्षण के लिए भेजा गया। टीम ने लगातार तीन दिनों तक पैदल यात्रा मार्ग और विभिन्न पड़ावों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान केदारनाथ, लिंचोली, भीमबली और जंगलचट्टी जैसे प्रमुख पड़ावों पर पुलिस बल के लिए आवास, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन किया गया। जहां कमियां मिलीं, उन्हें चिन्हित कर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही साफ-सफाई और आवश्यक सामग्री के स्टॉक की भी जांच की गई।
संचार व्यवस्था और फायर सेफ्टी पर विशेष ध्यान
अग्रिम टीम ने संचार तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति का भी जायजा लिया। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए SDRF और आपदा प्रबंधन टीमों के लिए चिन्हित स्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, ताकि समय रहते सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
बर्फबारी बनी चुनौती, प्रशासन सतर्क
निरीक्षण टीम के लौटने के बाद केदारनाथ धाम में एक बार फिर भारी बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे कुछ व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ सभी व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त करने में जुटा है, ताकि यात्रा बिना किसी बाधा के संचालित हो सके। सीओ विकास पुण्डीर के अनुसार, यात्रा ड्यूटी पर तैनात होने वाले पुलिस बल को सभी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
अप्रैल में भी बर्फ से ढकी केदारनगरी
अप्रैल माह में भी केदारनाथ में लगातार बर्फबारी हो रही है। पिछले दो दिनों में भारी हिमपात के बाद फिलहाल मौसम साफ है, लेकिन केदारनगरी अभी भी बर्फ की मोटी चादर से ढकी हुई है। मंदिर परिसर और यात्रा मार्गों से पहले हटाई गई बर्फ के बावजूद फिर से मोटी परत जम गई है, जिससे तैयारियों की रफ्तार प्रभावित हुई है।
फिलहाल प्रशासन का फोकस सुरक्षा, संचार व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त कर समय पर यात्रा शुरू कराने पर है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।







