देहरादून: उत्तराखंड में पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलने का कार्य तेज़ी से जारी है। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में अब तक 3,30,295 मीटर बदले जा चुके हैं। ऊर्जा निगम ने इस अभियान को प्राथमिकता सूची में रखते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को कई लाभ मिलेंगे। बिलिंग में पारदर्शिता आएगी और बिजली खपत का सटीक आंकलन हो सकेगा। साथ ही उपभोक्ता मोबाइल एप या ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से अपने बिजली उपयोग की रीयल-टाइम जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस परियोजना को हर घर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। जल्द ही सभी जिलों में पुराने मीटरों को पूरी तरह से स्मार्ट मीटर से बदला जाएगा।







