विकासनगर: देहरादून जिले के इंडस्ट्रियल एरिया सेलाकुई में स्थित परफ्यूम बनाने वाली फैक्ट्री जय श्री बालाजी इंडस्ट्रीज में अचानक लगी भीषण आग से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगने की सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा फायर ब्रिगेड को जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
आग इतनी भयावह थी कि फैक्ट्री के अंदर शीशे फटने लगे और रसायनों व एलपीजी सिलेंडरों के विस्फोट की डरावनी आवाजें गूंजती रहीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गई। जैसे-जैसे आग फैलती गई, वैसे-वैसे आसपास की फैक्ट्रियों के कर्मचारी अपना सामान सुरक्षित निकालने के प्रयास में लग गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग की विकरालता को देखते हुए आसपास के कई क्षेत्रों से दमकल की दर्जनों गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। इसके अलावा देहरादून स्थित ओएनजीसी से पानी का विशाल टैंकर भी मंगवाया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
इस हादसे में फैक्ट्री के भीतर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में दमकल विभाग ने शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण बताया है। घटना के दौरान मौके पर स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, एसपी देहात पंकज गैरोला सहित कई थानों का पुलिस बल भी तैनात रहा।
क्यों होती हैं आग लगने की घटनाएं
आग लगने की घटनाएं अक्सर स्पार्किंग और शॉर्ट सर्किट की वजह से होती हैं। बड़े-बड़े दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी इस तरह की घटनाओं की चपेट में आ जाते हैं। फायर फाइटर की टीमें समय-समय पर लोगों को सुरक्षा संबंधी हिदायतें देती रहती हैं, इसके बावजूद आग लगने की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है।
आग लगने पर क्या करें, क्या न करें
आग लगने की स्थिति में सबसे पहले शांत रहें और घबराएं नहीं। तुरंत 101 नंबर पर कॉल कर फायर ब्रिगेड को सूचना दें। यदि फायर अलार्म सक्रिय है तो उसे तुरंत बजाएं। आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का उपयोग न करें, बल्कि सीढ़ियों से बाहर निकलें। यदि धुएं में फंस जाएं तो नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढक लें।
अगर कमरे से बाहर निकलना संभव न हो तो खिड़की-दरवाजे बंद कर दें और तौलिया या चादर को गीला कर दरवाजे के नीचे की जगह बंद कर दें, ताकि धुआं अंदर न आ सके। धुएं में गिरने की स्थिति में जमीन पर लेट जाएं, इससे धुएं का असर कम होता है। आग वाले क्षेत्र पर नजर रखें और सुरक्षित स्थान पर रहें। आग बुझाने के लिए पानी, बालू या मिट्टी का उपयोग करें। घायलों को प्राथमिक उपचार दें और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।







