अल्मोड़ा जिले के ढौरा गांव में बिजली चोरी की जांच के दौरान विद्युत विभाग की टीम पर हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी अजय भारद्वाज गंभीर रूप से घायल हो गए। विभाग की ओर से अल्मोड़ा थाने में तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ढौरा गांव में लगातार मिल रही बिजली चोरी की शिकायतों के चलते विद्युत विभाग की एक टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। टीम में उपखंड अधिकारी अजय भारद्वाज, अवर अभियंता दिनेश चंद्र, लाइन स्टाफ मनोज बिष्ट, ठेके पर कार्यरत कर्मचारी आनंद सिंह और वाहन चालक विक्रम सिंह शामिल थे। जांच के दौरान टीम को एक मकान में बिजली चोरी का मामला मिला, जहां भवन निर्माण कार्य के लिए बिजली के तारों में कांटा डालकर अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा था।
जब विभागीय अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो मकान मालिक ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते मामूली विरोध बहस में बदल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि मकान मालिक और उसके दो पुत्रों ने मिलकर उपखंड अधिकारी अजय भारद्वाज पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बचाने पहुंचे अवर अभियंता दिनेश चंद्र के साथ भी मारपीट की गई।
घटना के बाद विभागीय अधिकारियों ने अल्मोड़ा थाने में तहरीर दी। उपखंड अधिकारी अजय भारद्वाज ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि गोविंद सिंह अधिकारी, मोनू अधिकारी और दीपक अधिकारी ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। साथ ही आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, जांच से जुड़े दस्तावेज फाड़ने और बिजली चोरी से संबंधित सामान जबरन छीनने का भी आरोप लगाया गया है।
हालात बिगड़ते देख टीम के अन्य कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह घायल उपखंड अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनिल ने बताया कि पुलिस एक घायल को मेडिकल के लिए लेकर आई थी। घायल की आंखों के ऊपर और नाक पर सूजन थी, जिससे प्रतीत होता है कि इन स्थानों पर मारपीट की गई है। उपचार के बाद घायल को छुट्टी दे दी गई।
इस घटना से विद्युत विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। विभागीय अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।







