हरिद्वार:
धर्मनगरी हरिद्वार में बुधवार 13 जनवरी को होने वाले मकर संक्रांति के गंगा स्नान को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंगलवार को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में गंगा स्नान ड्यूटी में तैनात पुलिस फोर्स की ब्रीफिंग की गई, जिसमें अधिकारियों और जवानों को पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए।
मेला अवधि के दौरान हरिद्वार में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ-साथ पीएससी के जवानों की भी तैनाती की गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि पूर्व में हुए गंगा स्नानों का अध्ययन किया गया है, जिसके आधार पर अनुमान है कि मकर संक्रांति के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जा रही हैं।
सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर पूरे मेला क्षेत्र को 8 जोन और 22 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर जोन और सेक्टर में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। हरिद्वार के एसएसपी ने बताया कि गंगा घाटों और पार्किंग स्थलों से अवैध अतिक्रमण हटाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ठंड को देखते हुए नगर निगम प्रशासन को जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि मकर संक्रांति का स्नान वर्ष का पहला और महत्वपूर्ण स्नान माना जाता है। सभी जोन और सेक्टर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही पीएसी, बीडीएस और डॉग स्क्वायड की भी तैनाती की जाएगी। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि मकर संक्रांति का यह पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।
वहीं, नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार सुबह 8 बजकर 24 मिनट से मकर संक्रांति के गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त शुरू होगा और पूरे दिन स्नान का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मकर संक्रांति के दिन एक विशेष संयोग बन रहा है, क्योंकि षट्तिला एकादशी भी बुधवार को ही पड़ रही है। ऐसे में गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार इस दिन खिचड़ी, नमक, अचार, घी, तिल की मिठाई और गर्म कपड़े दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक विश्वास है कि तिल की मिठाई में जितने तिल होते हैं, उतने सहस्त्र गुना फल की प्राप्ति होती है।







