उत्तरकाशी: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तरकाशी में प्रसिद्ध पौराणिक माघ मेला बाड़ाहाट कु थौलू का भव्य शुभारंभ हो गया है। रामलीला मैदान में आयोजित इस ऐतिहासिक मेले का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कंडार देवता और बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की अगवानी में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मेला पंडाल में घंडियाल देवता, खंडद्वारी देवी, राज-राजेश्वरी देवी, त्रिपुर सुंदरी, नाग देवता और दक्षिण काली समेत कई देव डोलियों की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माघ मेले को लोक आस्था का महाकुंभ बताते हुए कहा कि मकर संक्रांति से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है और आज उत्तरकाशी जिला अपनी एक विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
माघ मेले के साथ ही उत्तरकाशी में शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव 2026 का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन उत्तराखंड की आर्थिकी को सुदृढ़ करेगा और स्थानीय लोगों को सालभर रोजगार से जोड़ने में मददगार साबित होगा।
कॉन्क्लेव के तहत नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (नीम) में शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया गया। साथ ही उत्तराखंड को 12 महीने का पर्यटन राज्य बनाने पर जोर दिया गया। तीन दिवसीय कॉन्क्लेव के दौरान देशभर से आए टूर ऑपरेटर मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा, मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली और सांकरी स्थित केदारकांठा ट्रेक के बेस कैंप का भ्रमण करेंगे, जिससे शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कॉन्क्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स के अलावा राज्य स्तर से 50 और स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। इस दौरान होमस्टे, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस और स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन पैकेजों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरकाशी जिले में हो रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़कों का निर्माण, मरम्मत और सुधारीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तरकाशी में 23 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला का उच्चीकरण कर 46 करोड़ रुपये की लागत से उप जिला अस्पताल बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिल्क्यारा टनल का ब्रेकथ्रू हो चुका है और जल्द ही इस टनल का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा यमुनोत्री में हेलीपैड निर्माण, सिंचाई योजनाएं, भटवाड़ी में बाढ़ सुरक्षा कार्य समेत कई अन्य विकास परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन कार्यक्रम पर तेजी से काम कर रही है। वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को नया आयाम दिया जा रहा है। जादुंग में उत्सव मैदान का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जिले में अब तक 12 हजार लखपति दीदी बन चुकी हैं। साथ ही सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है, जिसमें उत्तरकाशी जिला राज्य के तीन प्रमुख जिलों में शामिल है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौराणिक बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने महान संतों के आशीर्वचनों और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित शिलापट्टों एवं संकलन का लोकार्पण भी किया। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
माघ मेला और विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के आयोजन से उत्तरकाशी में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन परंपरा, आस्था और विकास—तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।







