मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें कुल 8 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत में हाल ही में सामने आई विमान दुर्घटना की दुखद खबर पर शोक व्यक्त किया गया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
स्वास्थ्य विभाग को बड़ी राहत
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सेवा नियमावली–2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत वे स्वास्थ्य कर्मी जिन्होंने 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें आपसी सहमति के आधार पर जनपद के भीतर स्थानांतरण का अवसर मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तय
राजस्व विभाग के अंतर्गत राज्य में परियोजनाओं के लिए भूमि मालिकों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया को निर्धारित किया गया है, जिससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
• उधम सिंह नगर स्थित पराग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने के लिए सिडकुल को ट्रांसफर करने संबंधी शासनादेश में संशोधन।
• उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली–2025 के प्रख्यापन को मंजूरी। इसके तहत देहरादून, चमोली, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जैसे अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों में विभागीय ढांचे के पुनर्गठन को स्वीकृति।
• राज्य में गैर-कृषिकारी उपयोग के लिए भूजल निकासी पर जल मूल्य/प्रभार की दरें लागू करने का निर्णय।
• उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति–2026 के प्रख्यापन को मंजूरी, जिससे राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में आगे निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिया जाएगा।
शिक्षा और अधोसंरचना से जुड़े अहम निर्णय
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम–2023 में संशोधन को मंजूरी देते हुए जीआरडी उत्तराखंड नाम से एक निजी विश्वविद्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की।
इसके साथ ही गौचर और चिल्यालीसौड़ हवाई पट्टी को भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के बीच उच्चस्तरीय सहमति के आधार पर संयुक्त नागरिक एवं सैन्य संचालन हेतु एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में रक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर करने पर भी सहमति बनी।
कुल मिलाकर, धामी मंत्रिमंडल की इस बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, जनजाति कल्याण, जल संसाधन और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए, जो राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।







