हरिद्वार: जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा देर रात जारी आदेश के तहत 15 कोतवाली और थानों के प्रभारियों में बदलाव किया गया है. इसके साथ ही कई निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को पुलिस कार्यालय और विशेष शाखाओं में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी को पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली लक्सर बनाया गया है, जबकि निरीक्षक राजीव रौथाण को कोतवाली लक्सर से हटाकर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भगवानपुर भेजा गया है. करीब तीन वर्षों बाद राजीव रौथाण का लक्सर से तबादला किया गया है.
इसके अलावा निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव को एसआईएस शाखा से प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गंगनहर नियुक्त किया गया है. वहीं निरीक्षक मनोहर भण्डारी को गंगनहर से हटाकर थाना श्यामपुर का प्रभारी बनाया गया है. निरीक्षक शांति कुमार को रानीपुर से ट्रांसफर कर एसआईएस शाखा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. निरीक्षक मनीष उपाध्याय को रुड़की से हटाकर वाचक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय हरिद्वार में तैनात किया गया है.
इसी क्रम में निरीक्षक प्रदीप बिष्ट को सीआईयू से हटाकर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुड़की बनाया गया है. निरीक्षक देवेन्द्र सिंह रावत को थाना कनखल का प्रभारी नियुक्त किया गया है. श्यामपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक मनोज शर्मा को पुलिस कार्यालय रोशनाबाद भेजा गया है. निरीक्षक दिग्पाल कोहली को पीआरओ से हटाकर खानपुर थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र राठी को खानपुर से हटाकर एसआईएस शाखा में तैनाती दी गई है.
इसके साथ ही निरीक्षक विजय सिंह को बहादराबाद का प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है. बहादराबाद में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक अंकुर शर्मा को वहां से हटाकर भगवानपुर थाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. उपनिरीक्षक मनोहर सिंह रावत को कनखल थाने से हटाकर एसआईएस शाखा भेजा गया है, जबकि निरीक्षक आशुतोष राणा को फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन एंड क्राइम सेल से हटाकर कोतवाली रानीपुर का प्रभारी बनाया गया है.
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें. पुलिस महकमे में हुए इस व्यापक फेरबदल को जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.







