देहरादून: विदेश भेजने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से दबोचा. आरोपी पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज, अपॉइंटमेंट और ई-मेल के जरिए लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और मोटी रकम ऐंठ ली.
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2025 को सेना में सूबेदार नरजंग कुमार, निवासी जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) ने थाना नेहरू कॉलोनी में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि सेना में ही सूबेदार संदीप थापा, निवासी नेहरू कॉलोनी, ने उन्हें बताया कि उसका रिश्तेदार उपेन्द्र सिंह थापा मर्चेंट नेवी में कैप्टन है और फिनलैंड में नौकरी लगवा सकता है. इसके लिए प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये मांगे गए.
संदीप थापा ने नरजंग कुमार के साथ असीम थापा, अश्वनी कुमार और विकास थापा की मुलाकात उपेन्द्र सिंह निवासी मोहकमपुर, देहरादून से करवाई. आरोप है कि सभी को भरोसा दिलाया गया कि फिनलैंड में नौकरी लग जाएगी और वीजा प्रोसेस के लिए एडवांस में 5-5 लाख रुपये देने होंगे. आरोपियों की बातों में आकर पीड़ितों ने अलग-अलग तिथियों में नकद और बैंक खातों के माध्यम से लाखों रुपये दे दिए.
आरोपियों ने 30 से 45 दिन में वर्क परमिट आने और इंग्लिश लैंग्वेज कोर्स के नाम पर अतिरिक्त फीस भी वसूली. 28 जून 2024 को उपेन्द्र सिंह और संदीप थापा ने सभी पीड़ितों को देहरादून बुलाकर फिनलैंड का कथित कॉन्ट्रैक्ट लेटर सौंपा. इसके बाद फरवरी 2025 में VFS/एंबेसी की ओर से ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें वीजा रिफ्यूज होने की जानकारी दी गई. कुछ ही समय बाद ब्लू डार्ट के माध्यम से पासपोर्ट और रिफ्यूजल लेटर मिले, जिनमें दस्तावेजों को फर्जी बताया गया.
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फिनलैंड का फर्जी कॉन्ट्रैक्ट लेटर और एंबेसी से जुड़े नकली दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को दिए थे, जिससे वीजा निरस्त हो गया. पीड़ित की तहरीर पर थाना नेहरू कॉलोनी में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.
चौकी प्रभारी जोगीवाला उपनिरीक्षक विजय राही ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी. पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित संधू सेंटर के सामने से आरोपी उपेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पीड़ितों सहित अन्य कई लोगों से धोखाधड़ी कर मोटी रकम हड़पी है. आरोपी ने बताया कि उसने अलग-अलग लोगों से करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी की है.
पुलिस के अनुसार, इस ठगी के चलते कुछ पीड़ित विदेश में नौकरी के लिए वीआरएस तक लेने की योजना बना रहे थे. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.







