देहरादून: प्राथमिक शिक्षा निदेशक से जुड़े कथित मारपीट प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ के गनर की एंट्री हो गई है। गनर की शिकायत के आधार पर थाना रायपुर में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
गनर ने दर्ज कराई शिकायत
विधायक के गनर कांस्टेबल सुशील रमोला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शनिवार दोपहर विधायक अपने क्षेत्र अंतर्गत ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। उनके साथ सुरक्षा में कांस्टेबल सुशील रमोला और कांस्टेबल सुधीर बहुगुणा मौजूद थे। विधायक भूमि दान करने वालों के नाम पर खुले विद्यालय का नामकरण कराने को लेकर पूर्व में दिए गए पत्र की प्रगति जानने पहुंचे थे।
शिकायत के अनुसार, जब विधायक ने शासन को भेजे गए पत्र की प्रति दिखाने और मांगने की बात कही तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने शोरगुल शुरू कर दिया। आरोप है कि शुक्रवार को भी भूमिदानकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।
फोन फेंकने और हंगामा करने का आरोप
गनर के मुताबिक, शनिवार को हाफ जैकेट पहने एक व्यक्ति ने फोन उठाकर विधायक की ओर फेंक दिया, जो उनके कंधे से टकराकर नीचे गिर गया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर भीड़ को उकसाया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ लोगों ने बाहर से ताला लगाकर विधायक और सुरक्षाकर्मियों को अंदर बंद कर दिया। इस दौरान कुर्सियां फेंकी गईं और माहौल और अधिक बिगड़ गया। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह विधायक को सुरक्षित बाहर निकालकर वाहन में बैठाया।
पुलिस ने शुरू की जांच
थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि विधायक के गनर कांस्टेबल सुशील रमोला की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और किसकी भूमिका कितनी रही।







