श्रीनगर गढ़वाल: प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम और मंदिर समिति के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आरती भंडारी ने की, जिसमें मंदिर परिसर की व्यवस्था, स्वच्छता और दर्शन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि मंदिर परिसर की पवित्रता और अनुशासन बनाए रखने के लिए मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा मंदिर परिसर में सामान रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दर्शन के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सिंगल विंडो सिस्टम से होगा सुगम दर्शन
बैठक में मंदिर में आने और जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर भी सहमति बनी। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारू और व्यवस्थित हो सकेगी। साथ ही मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि परिसर की धार्मिक गरिमा और स्वच्छता बनी रहे।
बैठक के दौरान मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, स्वच्छता बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
इस मौके पर महापौर आरती भंडारी ने कहा कि धारी देवी मंदिर प्रदेश की आस्था और संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र है। नगर निगम की प्राथमिकता है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और मंदिर परिसर की पवित्रता व गरिमा बनी रहे। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन प्रतिबंध, लॉकर व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और अतिक्रमण हटाने जैसे कदम इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं।
बैठक में वार्ड पार्षद राजेंद्र नेगी, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार, प्रवीण रावत, मंदिर समिति के सचिव विवेक पांडेय, रमेश चंद्र पांडेय समेत मंदिर समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।







