देहरादून: राजपुर फायरिंग कांड में जान गंवाने वाले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का आज पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। इस दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में माहौल गमगीन रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी आज दिवंगत ब्रिगेडियर के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य देने की प्रार्थना की।
सीएम धामी ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत प्रदेशभर में अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए और ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
गौरतलब है कि 30 मार्च की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में एक नाइट क्लब में बिल को लेकर हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा था। पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट और फिर फायरिंग तक पहुंच गया। आरोप है कि बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने ‘जेन जी क्लब’ के संचालक और स्टाफ की कार पर फायरिंग की, जिसकी चपेट में मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी आ गए और उनकी मौत हो गई।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इस घटना के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं और मामला सियासी रंग भी ले चुका है। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। कुठालगेट चौकी इंचार्ज और एक आबकारी उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया है। साथ ही, पुलिस महानिदेशक (DGP) स्वयं मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
यह घटना प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है, जिस पर अब सरकार और पुलिस दोनों सख्त रुख अपनाते नजर आ रहे हैं।






