कुंभ मेला 2027 को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इस बार मेले में श्रद्धालुओं को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए अलग से साइबर थाना स्थापित किया जाएगा। इसमें आईटी और साइबर विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी, ताकि डिजिटल युग में बढ़ते साइबर क्राइम पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
कुंभ मेला प्रशासन और पुलिस दोनों ही मेले की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कुंभ मेला 2027 के लिए करीब 35 थाने स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। कुंभ मेला आईजी योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि डिजिटल क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर थाना बनाना जरूरी है, जिससे शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
पुख्ता सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर प्लान:
मेले में पुलिस और पीएसी के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। एआई आधारित कैमरों के जरिए भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और संदिग्ध वस्तुओं जैसे बैग या धातु की पहचान की जा सकेगी।
अत्याधुनिक सीसीआर-2 भवन तैयार:
मेला क्षेत्र में सीसीआर भवन के पास सीसीआर-2 का निर्माण कार्य जारी है। चार मंजिला इस अत्याधुनिक भवन में मेला प्रबंधन की सभी तकनीकी, सुरक्षा और कम्युनिकेशन यूनिट्स को शिफ्ट किया जाएगा। खास बात यह है कि इस भवन की छत पर हेलीपैड भी बनाया जाएगा, जहां हेलीकॉप्टर सीधे लैंड कर सकेगा। इसके अलावा एक हाईटेक कंट्रोल रूम स्थापित होगा, जहां से पूरे मेला क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाएगी।
जल्द पहुंचेगी अतिरिक्त पुलिस फोर्स:
आईजी योगेंद्र सिंह रावत के अनुसार, मेले के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग शासन से की गई है और जल्द ही कुछ फोर्स हरिद्वार पहुंच सकती है। वर्तमान में पुलिस बल चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ मेले में व्यस्त है। कांवड़ मेले के बाद अधिकांश फोर्स हरिद्वार में तैनात कर दी जाएगी।
साइबर थाने से मिलेगी त्वरित मदद:
कुंभ मेले में बनने वाला साइबर थाना देहरादून और कुमाऊं में संचालित साइबर पुलिस स्टेशनों की तर्ज पर काम करेगा। यहां साइबर ठगी या अन्य डिजिटल अपराधों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और उन्हें ठगी से बचाया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, कुंभ मेला 2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके।







