हल्द्वानी:
नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित तराई पूर्वी वन प्रभाग के किशनपुर रेंज से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां जंगल में मवेशी खोजने गए एक वन गुर्जर का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ है। शव पर गंभीर चोटों के निशान मिलने से भालू के हमले की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, रैखाल खत्ता निवासी मोहम्मद आरिफ 25 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे अपने मवेशियों की तलाश में जंगल गए थे, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। इसके बाद चिंतित परिजनों ने वन विभाग की नजदीकी चौकी में सूचना दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी घनानंद चनियाल के नेतृत्व में वन विभाग की टीम, स्थानीय गश्ती दल और परिजनों ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान शुरू किया।
शरीर पर मिले गंभीर निशान:
काफी तलाश के बाद रुद्रपुर बीट के प्लॉट संख्या 5 और 9 के बीच स्थित फायर लाइन में मोहम्मद आरिफ का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति बेहद गंभीर थी—कपड़े फटे हुए थे और शरीर पर गहरे नोंचने व खरोंचने के निशान पाए गए। प्रथम दृष्टया यह मामला भालू के हमले का प्रतीत हो रहा है।
वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए रैखाल खत्ता पहुंचाया। 26 अप्रैल को प्रभागीय वनाधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और शीघ्र मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
इलाके में बढ़ाई गई निगरानी:
घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाने, पिंजरे स्थापित करने और ड्रोन के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल जोशी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत भालू के हमले से हुई प्रतीत हो रही है, हालांकि मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों व खत्तेवासियों को जंगल में अकेले न जाने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं।







