रुड़की: हरिद्वार जिले की मंगलौर कोतवाली पुलिस ने एटीएम बदलकर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. आरोपी के कब्जे से पुलिस ने अलग-अलग बैंकों के 12 एटीएम कार्ड और 10 हजार 710 रुपये की नकदी बरामद की है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य आपसी संपर्क के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते थे और पहचान छिपाने के लिए अपने नाम से सिम कार्ड भी नहीं लेते थे. फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.
उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत यह कार्रवाई की गई. हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में मंगलौर कोतवाली पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस के अनुसार यह गिरोह हरिद्वार, देहरादून और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में सक्रिय था.
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि आरोपी विशेष रूप से रविवार के दिन एटीएम बूथों में पहुंचते थे और मशीन खराब होने का झांसा देकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाते थे. आरोपी बड़ी चालाकी से लोगों के एटीएम कार्ड बदल देते थे और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे.
मामले का खुलासा तब हुआ जब मंगलौर कोतवाली क्षेत्र निवासी मुकेश पत्नी रमन, निवासी मुण्डलाना ने शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनका एटीएम कार्ड बदलकर खाते से करीब 70 हजार रुपये निकाल लिए. शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक भगवान मेहर के निर्देशन में उपनिरीक्षक नितिन बिष्ट के नेतृत्व में टीम गठित की.
पुलिस टीम ने हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई जिलों में छानबीन की. करीब 356 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर संजय पुत्र अमर निवासी चांदपुर, थाना बड़गांव, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए. उसने बताया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में रहता था और ट्रेसिंग से बचने के लिए फर्जी तरीके से मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ सहारनपुर के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, चोरी और आईटी एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं.
18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल भी बरामद
इसी बीच मंगलौर क्षेत्र में एसटीएफ और एएनटीएफ टीम ने पुलिस के साथ मिलकर नशीली दवाइयों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की. टीम ने मौके से 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए हैं. तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बाइक भी जब्त की गई है. हालांकि पुलिस की भनक लगते ही आरोपी बाइक छोड़कर फरार हो गए.
जांच के दौरान बरामद कैप्सूल पर ‘Acetaminophen, Tramadol Hydrochloride & Dicyclomine Hydrochloride Capsules’ लिखा मिला. मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर हरीश ने जांच के बाद इन दवाइयों को प्रतिबंधित नशीली श्रेणी का बताया.
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. जांच में फरार आरोपियों में से एक की पहचान फारुख पुत्र महमूद निवासी बहादराबाद के रूप में हुई है. पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है.







