मसूरी: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एक बार फिर अपने सख्त रुख को लेकर चर्चाओं में आ गए हैं. इस बार उन्होंने मसूरी मोतीलाल नेहरू मार्ग की बदहाल स्थिति और निर्माण कार्यों में कथित गुणवत्ता की कमी को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी.
शनिवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग का निरीक्षण किया. सड़क की जर्जर हालत और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी देखने के बाद उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार सहित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से बने इस मार्ग की स्थिति देखकर साफ है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है.
मंत्री ने तत्काल सड़क की मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. साथ ही सड़क किनारे रेलिंग लगाने, नालियों की मरम्मत और कल्वर्ट निर्माण कार्यों को भी बरसात से पहले पूरा करने के आदेश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे किए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो.
गणेश जोशी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इससे पहले मंत्री ने मसूरी स्थित उप जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण भी किया, जहां उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी न हो और उपलब्ध दवाइयों के बावजूद बाहर से दवाएं न लिखी जाएं.
अस्पताल के स्टाफ ने फोर्थ क्लास कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया, जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह जल्द स्वास्थ्य सचिव से वार्ता कर आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि स्टाफ की कमी दूर की जा सके और कामकाज सुचारू रूप से चल सके.
इसके अलावा अस्पताल में बने पांच बेड के आईसीयू के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई. विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण आईसीयू शुरू नहीं हो पाने पर मंत्री ने कहा कि जल्द ही आवश्यक नियुक्तियों और व्यवस्था को लेकर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने दो टूक कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.







