रामनगर: ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर शनिवार को रामनगर में वट सावित्री व्रत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने वट यानी बरगद के वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. शहर के मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक माहौल देखने को मिला और महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी.
नैनीताल जिले के रामनगर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में वट सावित्री व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया. पारंपरिक कुमाऊंनी परिधान और श्रृंगार में सजी महिलाएं सुबह से मंदिर पहुंचने लगीं. महिलाओं ने विधि-विधान के साथ बरगद के पेड़ की पूजा की और उसके चारों ओर धागा बांधकर भगवान से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा.
हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पति की आयु लंबी होती है और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि बनी रहती है. इसी आस्था के साथ महिलाओं ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की और व्रत कथा सुनी.
मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन के दौरान पुजारी पंडित महेश चंद्र जोशी ने महिलाओं को वट सावित्री व्रत की कथा सुनाई और इसके धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और संकल्प के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे. तभी से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती आ रही हैं.
पूजा करने पहुंची महिलाओं ने बताया कि वे हर वर्ष पूरे विधि-विधान के साथ यह व्रत रखती हैं. महिलाओं का कहना था कि वट सावित्री व्रत उनके वैवाहिक जीवन, परिवार की खुशहाली और पति की दीर्घायु का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि पूजा और उपवास के माध्यम से वे अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करती हैं.
मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा. शाम को जलपान के साथ व्रत का समापन किया जाएगा. रामनगर में वट सावित्री व्रत के अवसर पर धार्मिक आस्था, पारंपरिक संस्कृति और महिलाओं की श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला.







