देहरादून: सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को मजदूरों का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया. वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान और अन्य मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन उस समय उग्र हो गया जब प्रदर्शनकारी फैक्ट्री परिसरों से निकलकर सड़कों पर उतर आए. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि फैक्ट्री के बाहर पथराव शुरू हो गया और पुलिस बल पर भी पत्थर फेंके गए, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
जानकारी के अनुसार, सेलाकुई स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन शुरू किया था. बड़ी संख्या में मजदूर हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया.
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि और ओवरटाइम भुगतान की मांग की जा रही है, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा. बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में जीवनयापन मुश्किल होने का आरोप भी मजदूरों ने लगाया. इस दौरान कर्मचारियों ने अलग-अलग कंपनियों के बाहर धरना देकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की.
हालात उस समय बेकाबू हो गए जब कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और फैक्ट्री के बाहर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस ने पहले स्थिति को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन हालात नियंत्रण से बाहर होते देख हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया गया. इसके बाद प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे और क्षेत्र में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा.
एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि एक दिन पहले ही लेबर कमिश्नर और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच मजदूरों की मांगों पर सहमति बन चुकी थी, इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी दोबारा फैक्ट्री पहुंच गए और पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
एसपी देहात ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है.







