उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल ट्रेक पर रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई नैनीताल के रामनगर निवासी 30 वर्षीय बबीता पांडे का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लगातार चल रहे व्यापक खोज अभियान के बावजूद युवती का पता नहीं चल सका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने खोज अभियान को और तेज कर दिया है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें ड्रोन तथा प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।
बबीता पांडे 29 मई की देर रात दयारा बुग्याल ट्रेकिंग के दौरान गोई क्षेत्र से अचानक लापता हो गई थीं। 30 मई को घटना की सूचना मिलने के बाद से लगातार खोज एवं बचाव अभियान जारी है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। युवती के लापता होने से प्रशासन और बचाव एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
घटना के बाद बबीता की मां और भाई भी उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं और खोज अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं पुलिस युवती के साथ ट्रेकिंग पर गए दोनों युवकों से लगातार पूछताछ कर रही है। मामले में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है तथा पुलिस हर पहलू को गंभीरता से खंगाल रही है।
इस बीच पर्यटन विभाग ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ट्रेकिंग एजेंसी ब्रोमाउंटेन और उससे जुड़े गाइड की कथित लापरवाही एवं अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। विभाग ने एजेंसी और गाइड का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही एजेंसी और संबंधित गाइड पर स्थायी प्रतिबंध लगाए जाने की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा गया है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि युवती की तलाश के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खोज अभियान के साथ-साथ मामले के प्रत्येक पहलू की गहन जांच भी की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार, बबीता पांडे 25 मई को अपने दोस्तों के साथ देहरादून पहुंची थीं। एक दिन देहरादून में रुकने के बाद वह अपने दो साथियों के साथ गंगोत्री और हर्षिल घूमने गईं। 28 मई को वे उत्तरकाशी लौटीं और 29 मई को दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुईं। उसी रात उनके लापता होने की सूचना मिली, जिसके बाद से संयुक्त टीमों द्वारा लगातार खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
एसपी ने कहा कि फिलहाल पुलिस की पहली प्राथमिकता बबीता पांडे को सुरक्षित ढूंढना है। इसके साथ ही मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। दयारा बुग्याल जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर हुई इस घटना ने ट्रेकिंग सुरक्षा व्यवस्था और एजेंसियों की जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार दिन बीत जाने के बावजूद युवती का कोई सुराग न मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं पूरा प्रशासनिक अमला और बचाव दल उम्मीद लगाए हुए हैं कि जल्द ही इस रहस्यमय मामले का कोई ठोस सुराग सामने आएगा।






