हरिद्वार: आबादी वाले इलाकों में जंगली हाथियों के घुसने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब हाथी न सिर्फ जंगल से सटे इलाकों में, बल्कि रिहायशी कॉलोनियों में भी पहुंचकर घर, वाहन और खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ताजा मामला बिल्केश्वर कॉलोनी का है, जहां देर रात जंगली हाथियों ने घुसकर जमकर तोड़फोड़ मचाई। हाथियों ने घरों के बाहर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और जंगल से सटे एक मकान की सुरक्षा दीवार को पूरी तरह गिरा दिया। अचानक तेज आवाज सुनकर लोग नींद से जाग गए और दहशत में घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में खौफ का माहौल बन गया।
वहीं बीती रात ग्राम जगजीतपुर में हाथियों का एक झुंड खेतों में घुस आया। पहले इन हाथियों ने लक्सर–हरिद्वार मार्ग पर अफरा-तफरी मचा दी और इसके बाद किसानों की फसलों को रौंद डाला। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात खेतों में मौजूद गन्ना और धान की फसल को झुंड ने बर्बाद कर दिया। लोगों ने बताया कि हाथी लगातार रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे रात में खेतों की रखवाली करना खतरे से खाली नहीं रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
फसलों को रौंदते हुए हाथियों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जगजीतपुर क्षेत्र में रोजाना हाथियों का आबादी में आना अब आम बात हो गई है और आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने न तो सुरक्षा फेंसिंग की है और न ही रात्रि गश्त बढ़ाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
तीन दिन पहले राजा गार्डन में भी हुई थी तोड़फोड़
तीन दिन पहले ही एक जंगली हाथी राजा गार्डन की वसुंधरा एंक्लेव कॉलोनी में घुस आया था। हाथी ने गली में खड़ी एक कार पर गुस्सा उतारा और टक्कर मारकर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी। इसके बावजूद हाथियों को आबादी में घुसने से रोक पाना जिम्मेदार विभागों के लिए कड़ी चुनौती बना हुआ है।
हरिद्वार के अलग-अलग इलाकों में इन दिनों हाथियों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे कई बार इस समस्या को लेकर वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
इस पूरे मामले में रेंज अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि हाथियों को आबादी में घुसने से रोकने के लिए गश्ती दल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जैसे ही हाथी आबादी में प्रवेश करते हैं, टीम द्वारा उन्हें जंगल की ओर खदेड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि हाथियों को देखकर भीड़ न जुटाएं, उनकी फोटो और वीडियो न बनाएं तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखें। साथ ही आबादी में किसी भी प्रकार के वन्यजीव दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
लोगों की मांग है कि रिहायशी इलाकों के आसपास हाथियों की आवाजाही को रोकने के लिए स्थायी बैरियर, सोलर फेंसिंग और रात के समय नियमित गश्त की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले हालात पर काबू पाया जा सके।







