हल्द्वानी: नैनीताल जिले के ओखलकांडा क्षेत्र में एसटीएफ टीम पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में फायरिंग करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
एसटीएफ पर तस्करों ने बरसाईं गोलियां
घटना 6 दिसंबर की शाम की है, जब ओखलकांडा थाने के खनस्यू क्षेत्र में एसटीएफ की टीम चरस और वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी। कार्रवाई की भनक लगते ही तस्करों ने खुद को घिरता देख एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान गोली लगने से एसटीएफ के एक सिपाही सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
छर्रे लगने से घायल हुआ सिपाही
फायरिंग में एसटीएफ कांस्टेबल भूपेंद्र मर्तोलिया को सीने और पेट में बड़े छर्रे लगे थे। इसके साथ ही ऑपरेशन में सहयोग कर रहा एक अन्य साथी भी घायल हुआ था। घटना के बाद से ही नैनीताल जिले से लेकर देहरादून तक प्रशासन में हड़कंप मच गया था और आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
घायल सिपाही की हुई सर्जरी
रविवार शाम दोनों घायलों को हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी, जो पेशे से डॉक्टर भी हैं, उन्होंने अस्पताल पहुंचकर स्वयं घायल सिपाही का स्वास्थ्य परीक्षण किया। देर रात कांस्टेबल की सर्जरी की गई, जिसके बाद अब उसकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है।
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
लगातार चल रही कार्रवाई के तहत रविवार को एसटीएफ और पुलिस ने इस हमले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम सुंदर सिंह, निवासी गोलडारातेला, रीठा साहिब, जनपद चंपावत बताया है। आरोपी की उम्र 31 वर्ष है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।







