पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत द्वारा एक सिख अधिवक्ता पर की गई टिप्पणी को लेकर उपजा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस के बड़े नेताओं के गुरुद्वारों में जाकर प्रायश्चित करने के बावजूद सिख समाज का आक्रोश लगातार बना हुआ है। इसी क्रम में बीते रोज सिख समाज ने देहरादून के डिफेंस कॉलोनी स्थित हरक सिंह रावत के आवास के बाहर शबद कीर्तन कर विरोध दर्ज कराया।
हरक सिंह के घर के बाहर किया शबद कीर्तन: दरअसल यह मामला उस समय शुरू हुआ जब कुछ दिन पूर्व हरक सिंह रावत अधिवक्ताओं के धरने पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उपहास में धरने में मौजूद एक सिख अधिवक्ता पर विवादित टिप्पणी कर दी थी। उस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। हालांकि वीडियो में यह भी नजर आया कि अपने संबोधन के तुरंत बाद ही हरक सिंह रावत ने माफी मांग ली थी। इसके बाद उसी शाम उन्होंने वकीलों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए दोबारा सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी।
हरक सिंह रावत सिख समुदाय से माफी मांग चुके हैं: अपनी सफाई में हरक सिंह रावत ने कहा था कि उनकी बातों का गलत अर्थ न निकाला जाए। उनकी मंशा किसी की भावनाओं को आहत करने की नहीं थी। उन्होंने सिखों के पराक्रम और गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा था कि यदि उनकी किसी बात से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो वे इसके लिए हृदय से क्षमा मांगते हैं। इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। आक्रोशित सिख समुदाय के लोगों ने देहरादून में हरक सिंह रावत का पुतला भी फूंका था। विरोध की आग उत्तराखंड से निकलकर पंजाब तक जा पहुंची थी।
हरीश रावत भी गुरुद्वारे में कर चुके हैं जूता सेवा: मामले को आउट ऑफ कंट्रोल जाता देख हरक सिंह रावत स्वयं गुरुद्वारे पहुंचे और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने गुरुद्वारे में जूता सेवा भी की। यही नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सिख समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। हरीश रावत ने गुरुद्वारे जाकर लंगर सेवा के साथ-साथ जूता सेवा भी की थी। इसके बावजूद सिख समुदाय का हरक सिंह रावत के खिलाफ गुस्सा कम होता नजर नहीं आ रहा है।
बीते रोज बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग डिफेंस कॉलोनी स्थित हरक सिंह रावत के आवास के बाहर एकत्र हुए और शांतिपूर्वक शबद कीर्तन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उस समय हरक सिंह रावत अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। वे उत्तराखंड कांग्रेस की दिल्ली में आयोजित बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली गए हुए थे।
मौके पर मौजूद सिख समाज के लोगों ने मांग रखी कि हरक सिंह रावत उनके सामने व्यक्तिगत रूप से आकर माफी मांगें। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। पुलिस के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी वहां से लौट गए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।
लगातार बढ़ते इस विवाद से राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज है। कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह इस पूरे मामले में ठोस और स्पष्ट कदम उठाए। फिलहाल सभी की निगाहें हरक सिंह रावत की अगली प्रतिक्रिया और कांग्रेस की आगे की रणनीति पर टिकी हुई हैं।







