ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर राजा गार्डन मार्ग पर स्थित मत्स्य विभाग के दो बड़े तालाब लगातार लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। संकरी सड़क, घना कोहरा और सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी के चलते सड़क और तालाब में फर्क कर पाना मुश्किल हो रहा है। यही लापरवाही आए दिन हादसों का कारण बन रही है।
बीते 20 दिसंबर, शनिवार रात इसी मार्ग पर एक और दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 20 वर्षीय अभय शर्मा की जान चली गई। अभय किसी काम से बाइक से गुजर रहा था। अंधेरा, कोहरा और तालाब के किनारे किसी भी तरह के रिफ्लेक्टर, बैरिकेड या चेतावनी बोर्ड न होने के कारण वह सड़क का अंदाजा नहीं लगा सका और बाइक समेत तालाब में जा गिरा।
पहले भी हो चुके हैं हादसे, फिर भी नहीं जागा प्रशासन
तालाब को ठेके पर लेने वाले महेंद्र का कहना है कि इस क्षेत्र में अब भारी बसावट हो चुकी है और बीते कई महीनों से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। कोहरे और अंधेरे में लोगों को सड़क दिखाई नहीं देती। तालाब और सड़क के बीच कोई स्पष्ट सीमा न होने के कारण वाहन सीधे तालाब में जा गिरते हैं। शनिवार की घटना को याद करते हुए उन्होंने बताया कि रात के समय एक युवक बाइक समेत तालाब में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार का इकलौता सहारा छिना
मृतक अभय शर्मा हरिद्वार के इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र में रहता था और अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि वे अपने बेटे को वापस तो नहीं पा सकते, लेकिन चाहते हैं कि आगे किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।
सुरक्षा दीवार या साइन बोर्ड की मांग
परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सुल्तानपुर राजा गार्डन मार्ग पर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं। तालाब के किनारे सुरक्षा दीवार बनाई जाए या कम से कम स्पष्ट साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को समय रहते खतरे का अंदाजा हो सके।
इस संबंध में ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।







