कांग्रेस ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए 23 दिसंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता के दौरान उर्मिला सनावर के वीडियो का हवाला देते हुए बीजेपी के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। गोदियाल ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
वहीं, इस पूरे मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी बयान सामने आया। उन्होंने उर्मिला सनावर को कांग्रेस की “टूलकिट” करार देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। महेंद्र भट्ट ने कहा कि वीडियो के जरिए बीजेपी नेताओं को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
अब इस विवाद में नया मोड़ तब आया, जब उर्मिला सनावर ने खुद महेंद्र भट्ट को चुनौती दे डाली। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में उर्मिला सनावर ने लिखा कि महेंद्र भट्ट उनके चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि वह उनसे कई बार मिल चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि महेंद्र भट्ट ने ही उन्हें ज्वालापुर की सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी करने की बात कही थी और उनके साथ कई तस्वीरें भी मौजूद हैं।
उर्मिला सनावर ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो भी सार्वजनिक कर सकती हैं, जिनमें महेंद्र भट्ट के बारे में बातें दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसी तरह उनके पास भी जवाब देने के लिए बहुत कुछ है।
गौरतलब है कि उर्मिला सनावर खुद को बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं, हालांकि सुरेश राठौर इस दावे से लगातार इनकार करते रहे हैं।
फिलहाल, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा यह मामला एक बार फिर राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और नेताओं के बयानों ने प्रदेश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
इस पूरे मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उर्मिला सनावर के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने एक ऐसी महिला को अपना टूलकिट बनाया है, जिसका पति तक उसे पत्नी मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि उस महिला का समाज में कोई अस्तित्व नहीं है। महेंद्र भट्ट का आरोप है कि कांग्रेस इस महिला के जरिए दो उद्देश्य साधना चाहती है—पहला, अनुसूचित जाति से आने वाले बीजेपी के बड़े नेता की छवि को खराब करना और दूसरा, उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की मौत के इतने सालों बाद उसकी आत्मा पर लांछन लगाना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी कई बार बीजेपी नेताओं का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ चुकी है, लेकिन आज तक कुछ भी साबित नहीं कर पाई है।
उर्मिला के खिलाफ होंगे कई मुकदमे:
महेंद्र भट्ट ने आगे कहा कि कांग्रेस एक विवादित महिला को हथियार बनाकर बीजेपी के अनुसूचित जाति के बड़े नेता को टारगेट करने की कोशिश कर रही है, जिससे अनुसूचित जाति समाज में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनुसूचित जाति के नेता को बदनाम करने का प्रयास किया है। इसके विरोध में बीजेपी का अनुसूचित जाति मोर्चा पूरे देश में कांग्रेस का पुतला दहन करेगा।
महेंद्र भट्ट ने यह भी कहा कि उर्मिला सनावर के खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं और अब अनुसूचित जाति के नेता पर लगाए गए आरोपों को लेकर उनके खिलाफ और भी कई मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि उर्मिला वास्तव में अंकिता भंडारी के हत्यारों को सजा दिलाना चाहती हैं, तो उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां देने के बजाय अदालत का रुख करना चाहिए। महेंद्र भट्ट का आरोप है कि उर्मिला वही बोल रही हैं, जो कांग्रेस उनसे कहलवाना चाहती है।
गौरतलब है कि उर्मिला सनावर ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने ‘गट्टू’ नाम के एक व्यक्ति का जिक्र किया है। उर्मिला का दावा है कि यही वह कथित वीआईपी व्यक्ति है, जिसका नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड में बार-बार सामने आता रहा है। इस बयान के बाद से ही प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।







