देहरादून: क्रिसमस, विंटर कार्निवाल और नव वर्ष के अवसर पर देहरादून और मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। संभावित भीड़ और आपात स्थितियों से निपटने के लिए जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि क्रिसमस और नए साल के दौरान जिले में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अनावश्यक छुट्टी न दी जाए, ताकि अस्पताल पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकें। डॉक्टरों और कर्मचारियों को केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही छुट्टी स्वीकृत करने के आदेश दिए गए हैं।
सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, उपकरणों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या को देखते हुए आपातकालीन सेवाओं के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों और स्टाफ की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इमरजेंसी विभाग को पूरी तरह सक्रिय रखने और डॉक्टरों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में इलाज में कोई कमी न रहे।
विशेष रूप से मसूरी के सरकारी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने खास फोकस किया है। सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि मसूरी के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ड्यूटी रोस्टर के अनुसार इमरजेंसी में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही ठंड के मौसम को देखते हुए अस्पतालों में मरीजों के लिए हीटर और कंबल की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर दी गई है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने क्रिसमस और नए साल पर देहरादून आने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि खुशी के इन अवसरों पर उत्सव जरूर मनाएं, लेकिन पूरी सावधानी भी बरतें। विभाग ने सलाह दी है कि ठंड के मौसम में बीमारियों से बचने के लिए कई परतों में गर्म कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय हवा और पानी से बचाव वाली जैकेट का उपयोग करें। रात और सुबह के समय ओस से बचने के लिए सिर को टोपी से ढक कर रखें और ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि जिले के सभी अस्पताल किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए अस्पतालों में जरूरी दवाओं और संसाधनों की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।







