देहरादून: राजधानी देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या से जुड़े मामले में नया अपडेट सामने आया है। घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एंजेल चकमा अपने भाई के साथ खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है और बाद में मारपीट की तस्वीरें भी कैद हुई हैं। इस मामले को लेकर देहरादून पुलिस ने सभी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि छात्रों की सुरक्षा पूरी तरह पुलिस की जिम्मेदारी है।
पुलिस ने बताया कि फरार छठे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम नेपाल भेजी गई है। वहीं देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और एक आरोपी की गिरफ्तारी अभी शेष है। उन्होंने बताया कि मृतक छात्र एंजेल चकमा का अंतिम संस्कार रविवार शाम को कर दिया गया है और पुलिस लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में है।
पूरा मामला जानिए:
त्रिपुरा के उनाकोटी जिले का रहने वाला 24 वर्षीय एंजेल चकमा देहरादून में एमबीए फाइनल ईयर का छात्र था और अपने भाई माइकल चकमा के साथ सेलाकुई क्षेत्र में रह रहा था। आरोप है कि 9 दिसंबर को दोनों भाई बाजार गए थे, जहां कुछ युवकों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। एंजेल चकमा द्वारा विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और पांच से छह युवकों ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। इस हमले में उसका भाई भी घायल हुआ, जबकि एंजेल को गंभीर चोटें आईं।
घायल अवस्था में एंजेल चकमा को ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 26 दिसंबर की सुबह उसकी मौत हो गई। भाई माइकल चकमा की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था:
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। एक आरोपी अभी फरार है, जो नेपाल का निवासी बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम नेपाल भेजी गई है।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस उन इलाकों में विशेष नजर रख रही है, जहां अन्य राज्यों से आए छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने इसे उत्तराखंड के लिए गंभीर मामला बताते हुए कहा कि पुलिस पूरे सबूतों के साथ अदालत में मजबूत पक्ष रखेगी, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
हत्याकांड के आरोपी:
- अविनाश नेगी पुत्र हरीश नेगी, निवासी सहसपुर, देहरादून (उम्र 25 वर्ष)
- सूरज खवास पुत्र अनिल खवास, मूल निवासी मणिपुर, हाल निवासी थाना पटेल नगर, देहरादून (उम्र 18 वर्ष)
- सुमित पुत्र प्यारेलाल, निवासी तिलवाड़ी, देहरादून (उम्र 25 वर्ष)
- यज्ञराज अवस्थी, निवासी कंचनपुर, नेपाल (उम्र 22 वर्ष) – फरार
- दो नाबालिग आरोपी – बाल सुधार गृह भेजे गए
घटना के बाद उत्तराखंड में पढ़ाई कर रहे बाहरी राज्यों के छात्रों में भय और आक्रोश का माहौल है। नॉर्थ ईस्ट के छात्रों ने एकजुट होकर नस्लभेदी टिप्पणियों और हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने सभी छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए सुरक्षा का भरोसा दिया है।







