शहर में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब बीडी पांडे जिला अस्पताल परिसर स्थित आउट हाउस के पुराने गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई.
आग लगने से आउट हाउस में पुराना गोदाम हुआ खाक
सूचना मिलने के बाद जब तक दमकल कर्मी मौके पर पहुंचते, तब तक आउट हाउस का पुराना गोदाम पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था. आग की चपेट में आकर 3 स्कूटी और 3 मोटरसाइकिल भी जलकर नष्ट हो गईं. गनीमत रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, अन्यथा यह घटना बड़े हादसे का रूप ले सकती थी.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के चलते लगी. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही धुआं दिखाई देने लगा, जिससे लोगों में दहशत फैल गई.
दमकल की टीम ने आग पर पाया काबू
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग सुबह करीब 4 बजे लगी. समय रहते दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
दमकल कर्मियों का कहना है कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती, तो आग आसपास के इलाकों में फैल सकती थी. जिस स्थान पर आग लगी, उसके ठीक सामने जिला अस्पताल है और बगल में घनी आबादी वाला क्षेत्र भी मौजूद है. आग फैलने की स्थिति में अस्पताल और रिहायशी इलाका गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता था.
तीन महीने में आग लगने की तीसरी घटना
नैनीताल में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. बीते तीन महीनों में आग लगने की यह तीसरी बड़ी घटना है.
इससे पहले ओल्ड लंदन हाउस क्षेत्र में आग लगी थी, जिसमें पूरा घर जलकर खाक हो गया था और एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी. दूसरी घटना सरस्वती शिशु मंदिर में हुई थी, जहां स्कूल भवन आग की चपेट में आ गया था, हालांकि प्रधानाचार्य और उनके दो बच्चों की जान बाल-बाल बच गई थी. अब अस्पताल के आउट हाउस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही शहर में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी उठने लगी है.







