हरिद्वार के बिल्केश्वर रोड स्थित डीएफओ कार्यालय पर शुक्रवार को खानपुर रेंज के ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने खानपुर रेंज के रेंजर पर हठधर्मिता, महिलाओं के साथ अभद्रता और मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए। आक्रोशित ग्रामीणों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए रेंजर को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में लकड़ियां बीनने गई महिलाओं को वन विभाग की टीम ने पकड़कर बंद कर दिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसके साथ ही रेंजर पर रिश्वतखोरी के भी आरोप लगाए गए। ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग की कार्रवाई के नाम पर क्षेत्र के लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है, जिससे गांवों में भारी रोष है।
हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने डीएफओ कार्यालय के भीतर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सिकरौदा गांव से आए ग्रामीण बुरहान ने आरोप लगाया कि खानपुर रेंज के रेंजर बेवजह ग्रामीणों को परेशान करते हैं और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है।
ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीएफओ ने बताया कि ग्रामीण लकड़ी और रास्तों से जुड़ी शिकायतें लेकर आए थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम का गठन कर दिया गया है।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने जानकारी दी कि हरिद्वार की एसडीओ पूनम सिलोरी के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच के दौरान सभी आरोपों और तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएफओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और वे कार्यालय से लौट गए। फिलहाल वन विभाग की ओर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।







