विकासनगर: उत्तराखंड में 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन हुई भारी बर्फबारी का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र में हुई जबरदस्त बर्फबारी के चलते चकराता–त्यूणी मोटर मार्ग करीब 30 किलोमीटर तक पूरी तरह बंद हो गया है। मार्ग को खोलने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग दो जेसीबी मशीनों और एक स्नोकटर की मदद से लगातार बर्फ हटाने के कार्य में जुटा हुआ है।
भारी बर्फबारी के कारण उत्तराखंड के कई राष्ट्रीय और राज्य मार्ग बाधित हुए हैं। चकराता क्षेत्र में बर्फ की मोटी चादर बिछने से जहां किसानों और होटल व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को फायदा हुआ है, वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पर्यटक चकराता पहुंच रहे हैं। सैलानी बर्फबारी और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
हालांकि, चकराता के सुदूरवर्ती गांवों में भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बंद होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चकराता–त्यूणी मोटर मार्ग पर लोखंडी और कोटी कनासर क्षेत्र में सबसे अधिक बर्फबारी हुई है, जहां करीब तीन फीट तक बर्फ जमी हुई है। इसके चलते कई गांवों का संपर्क तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से कट गया है। गांवों में किसानों को रोजमर्रा के कार्यों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम की स्थिति की बात करें तो शनिवार को क्षेत्र में धूप खिली रही, जबकि रविवार को हल्की धूप के साथ बादल छाए हुए हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि मौसम साफ रहने पर जल्द ही हालात सामान्य हो सकते हैं।
एनएच विभाग के अपर सहायक अभियंता ब्रहम दत्त डोभाल ने बताया कि चकराता–त्यूणी मोटर मार्ग के बीच करीब 30 किलोमीटर हिस्से में भारी बर्फबारी के कारण सड़क बंद हो गई थी। मार्ग को खोलने के लिए दो जेसीबी मशीनें और एक स्नोकटर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 15 किलोमीटर सड़क से बर्फ हटाई जा चुकी है और शेष हिस्से में कार्य लगातार जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द मार्ग को वाहनों के लिए सुचारु किया जा सके।







