देहरादून: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य करन माहरा ने कांग्रेस मुख्यालय, देहरादून में ध्वजारोहण किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम में करन माहरा ने देश और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
इस मौके पर करन माहरा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के बाद प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह ने राष्ट्र की उन्नति के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उनके कार्यकाल में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, आईआईटी, आईआईएम, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज जैसी संस्थाओं की स्थापना हुई। इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जैसी विश्वस्तरीय संस्था की नींव भी कांग्रेस शासन के दौरान रखी गई, जिससे भारत ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई।
करन माहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और विकास की गति तेज रही। कांग्रेस शासन के दौरान देश ने श्वेत क्रांति और हरित क्रांति जैसी उपलब्धियां हासिल कीं और ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे के साथ आगे बढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 12 वर्षों में देश से किए गए वादे पूरे नहीं हुए और आज स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई है और सीमाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। करन माहरा ने आरोप लगाया कि चीन सीमाओं में अतिक्रमण कर रहा है, जबकि पड़ोसी देश नेपाल के साथ पहले जो सामरिक और मित्रवत संबंध थे, उनमें भी अब खटास देखने को मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि म्यांमार जैसे छोटे देश में आतंकवादियों को संरक्षण मिलना चिंता का विषय है।
करन माहरा ने वर्ष 2019 के पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले में कई जवान शहीद हुए, लेकिन आज तक इसकी जांच का क्या परिणाम निकला, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि देश किस दिशा में जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस देश में ‘हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई – हम सब हैं भाई-भाई’ का संदेश दिया गया था, आज उसी देश में धर्म के नाम पर समाज को बांटकर राजनीति की जा रही है।
उन्होंने मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य से जुड़ी घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि समाज में असहिष्णुता बढ़ रही है। करन माहरा ने कहा कि आज महिलाएं, बच्चे और किसान खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह संकल्प लिया है कि वह देश की उन्नति, लोकतंत्र और सुरक्षा के लिए उसी जज्बे के साथ संघर्ष करेगी, जैसे आज़ादी के समय हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों के खिलाफ किया था।







