जगजीतपुर क्षेत्र में देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल से निकलकर दो जंगली हाथी आबादी वाले इलाके में घुस आए। हाथी शांतिपूर्वक कॉलोनी में विचरण कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक स्कूटी सवार व्यक्ति की लापरवाही सब पर भारी पड़ सकती थी। व्यक्ति ने जानबूझकर हाथियों के पीछे स्कूटी दौड़ानी शुरू कर दी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
बताया जा रहा है कि घटना के समय वन विभाग की टीम हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने में जुटी थी। स्कूटी सवार को कई बार समझाने के बावजूद वह नहीं माना और बार-बार हाथियों के पीछे स्कूटी ले जाता रहा। जैसे ही स्कूटी हाथियों के करीब पहुंची, एक टस्कर हाथी अचानक पलटकर स्कूटी सवार की ओर बढ़ा। स्थिति गंभीर होती देख पीछे मौजूद वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने तेज शोर मचाया, जिसके बाद हाथी आगे की ओर बढ़ गए और व्यक्ति की जान बच सकी।
घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने स्कूटी सवार की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। वन विभाग की टीम व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई है।
इस संबंध में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि आबादी में घुसे वन्यजीवों से छेड़छाड़ करना बेहद खतरनाक है। हाथियों के साथ फोटो, वीडियो या सेल्फी लेने की कोशिश लोगों को मुश्किल में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि स्कूटी सवार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जगजीतपुर क्षेत्र में हाथियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सुरक्षा दीवार बनाए जाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
गौरतलब है कि जगजीतपुर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से जंगली हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाल के दिनों में मिस्सरपुर और जगजीतपुर इलाके में हाथियों द्वारा घरों के बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती आबादी के कारण जंगलों का क्षेत्र सिमटता जा रहा है, जिससे हाथियों जैसे संवेदनशील वन्यजीव अपने पारंपरिक कॉरिडोर से होकर आबादी की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका लगातार बढ़ रही है।
वर्तमान में हरिद्वार में कांवड़ मेला चरम पर है और हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग पर कांवड़ियों की भारी आवाजाही बनी हुई है, जो जंगल से होकर गुजरता है। वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं, लेकिन अधिकारियों ने कांवड़ियों और आम लोगों से अपील की है कि वे जंगल क्षेत्र में अनावश्यक रूप से न रुकें और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।







