हरिद्वार जिले के रुड़की में स्थित गंगनहर के तेज बहाव में बहकर लापता हुए आईआईटी रुड़की के एमबीए द्वितीय वर्ष के छात्र का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। छात्र की तलाश में प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान दो बार गंगनहर का पानी भी बंद किया जा चुका है, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
जानकारी के अनुसार, बीती 11 फरवरी बुधवार को आईआईटी रुड़की के एमबीए द्वितीय वर्ष के छात्र आशीष शुक्ला, निवासी बनारस (उत्तर प्रदेश), अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए गंगनहर किनारे बने वाल्मीकि घाट पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि घाट पर बैठने के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वे गंगनहर में गिर गए।
साथियों ने उन्हें डूबता देख शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। कुछ लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन गंगनहर के तेज बहाव के कारण वे देखते ही देखते पानी में बह गए और लापता हो गए।
घटना के बाद से लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रारंभिक चरण में एसडीआरएफ, पुलिस और गोताखोरों की टीम ने तलाश की। इसके बाद गंगनहर का पानी बंद कर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन छात्र का कोई पता नहीं चल सका।
16 फरवरी सोमवार को एक बार फिर गंगनहर का पानी बंद कर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। इस दौरान बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप के जवान, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन और जल पुलिस की टीमें मौके पर तैनात रहीं। छात्र की तलाश के लिए करीब 20 प्रोफेशनल गोताखोरों को विशेष रूप से बुलाया गया है, जिनमें देश के मशहूर गोताखोर शामिल बताए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर लगभग 100 सदस्यीय टीम वाल्मीकि घाट से लेकर आसफनगर झाल तक के क्षेत्र को खंगाल रही है। अलग-अलग तकनीकों की मदद से गंगनहर के चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली जा रही है।
सर्च अभियान के दौरान मिला अज्ञात शव
सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम को गंगनहर से एक अज्ञात शव भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शव काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उधर, गंगनहर में डूबकर लापता हुए छात्र के परिजन और सहपाठी लगातार घटनास्थल पर डटे हुए हैं। परिजनों की चिंता और इंतजार हर गुजरते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि जब तक छात्र का पता नहीं चल जाता, सर्च अभियान जारी रहेगा। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है।







