देहरादून: मुख्यमंत्री आवास पर होली में गूंजी लोक संस्कृति, रम्माण मुखौटा नृत्य ने बांधा समां

देहरादून: होली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास रंगों, संगीत और उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति की सुरमयी धुनों से सराबोर नजर आया। गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों से पहुंचे लोक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि वहां मौजूद अतिथि और दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे।

इस विशेष आयोजन का मुख्य आकर्षण चमोली जिले के जोशीमठ से आई रम्माण लोकनृत्य मंडली रही। पारंपरिक मुखौटा नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति ने मंच को जीवंत कर दिया। दर्शकों की निगाहें मंच से हटने का नाम नहीं ले रही थीं। ईटीवी भारत से बातचीत में कलाकारों ने इस प्राचीन लोकनृत्य की परंपरा, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुखौटों और वाद्य यंत्रों के साथ जीवंत मंचन

जोशीमठ से आए कलाकार रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और आकर्षक मुखौटों के साथ मंच पर उतरे। ढोल-दमाऊ और रणसिंघा की गूंज के बीच जैसे ही नृत्य आरंभ हुआ, पूरा परिसर लोकधुनों से गूंज उठा। कलाकारों द्वारा पहने गए मुखौटे केवल सजावट नहीं, बल्कि पौराणिक और लोक कथाओं के प्रतीक हैं। इस नृत्य में कलाकार विभिन्न देव, पौराणिक और लोक पात्रों का रूप धारण कर कथा का मंचन करते हैं।

प्रस्तुति के दौरान भगवान राम की कथा पर आधारित रामलीला के अंश भी दिखाए गए, जिनमें मर्यादा, त्याग और धर्म की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। साथ ही चरवाहों के जीवन, पहाड़ की प्रेम कथाओं और लोकजीवन की सरलता को भी नृत्य के माध्यम से दर्शाया गया।

विश्व धरोहर की श्रेणी में शामिल परंपरा

कलाकारों ने बताया कि रम्माण मुखौटा नृत्य को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि सदियों पुरानी लोकआस्था और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दस्तावेज है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी मौखिक और व्यवहारिक रूप से आगे बढ़ता आया है।

दल की सदस्य शिवांगी लखेड़ा ने कहा, “हमारे पूर्वजों ने इस परंपरा को जीवित रखा है। आज हमें गर्व है कि हम मुख्यमंत्री आवास जैसे महत्वपूर्ण मंच पर अपनी संस्कृति को प्रस्तुत कर पा रहे हैं।”

झोड़ा-छपेली और चौफुला से सजी सांस्कृतिक शाम

होली के इस आयोजन में केवल रंगों की ही नहीं, बल्कि संस्कृति की भी बौछार देखने को मिली। गढ़वाल और कुमाऊं की पारंपरिक लोक विधाओं जैसे झोड़ा, छपेली और चौफुला की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता को एक ही मंच पर साकार कर दिया।

परंपरा को बचाए रखने की चुनौती

ईटीवी भारत संवाददाता किरणकांत शर्मा से बातचीत में कलाकारों ने स्वीकार किया कि आधुनिकता के इस दौर में लोक कलाओं को संरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। युवाओं का रुझान आधुनिक संगीत और नृत्य की ओर अधिक हो गया है, लेकिन पहाड़ की असली पहचान उसकी लोकसंस्कृति से ही है।

कलाकारों ने सरकार और समाज से मिलकर प्रयास करने की अपील की, ताकि इस तरह की लोक परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सकें। साथ ही विद्यालयों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकनृत्य को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित यह होली समारोह रंगों के साथ-साथ उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी जीवंत उत्सव बन गया।

Related Posts

थराली में दर्दनाक हादसा: घास लेने गई महिला पर गिरा बोल्डर, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

थराली: चमोली जिले के थराली क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में घास लेने जंगल गई महिला की मौत हो गई। पहाड़ी से अचानक गिरे भारी पत्थर (बोल्डर) की चपेट में…

गैस वितरण के दौरान चालक पर हमला, बेरीनाग में बढ़ा तनाव; कर्मियों ने मांगी पुलिस सुरक्षा

बेरीनाग: पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र के रुईनाथल में रसोई गैस वितरण के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां कुछ ग्रामीणों ने गैस वाहन चालक के साथ मारपीट…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

थराली में दर्दनाक हादसा: घास लेने गई महिला पर गिरा बोल्डर, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

  • By Admin
  • March 26, 2026
  • 5 views
थराली में दर्दनाक हादसा: घास लेने गई महिला पर गिरा बोल्डर, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

गैस वितरण के दौरान चालक पर हमला, बेरीनाग में बढ़ा तनाव; कर्मियों ने मांगी पुलिस सुरक्षा

  • By Admin
  • March 26, 2026
  • 4 views
गैस वितरण के दौरान चालक पर हमला, बेरीनाग में बढ़ा तनाव; कर्मियों ने मांगी पुलिस सुरक्षा

शिवालिक नगर में चेन स्नैचिंग का खुलासा, यूपी का गैंगस्टर गिरफ्तार, साथी फरार

  • By Admin
  • March 26, 2026
  • 4 views
शिवालिक नगर में चेन स्नैचिंग का खुलासा, यूपी का गैंगस्टर गिरफ्तार, साथी फरार

केदारनाथ यात्रा से पहले बदहाल सड़कें बनी चिंता, गौरीकुंड हाईवे पर जाम का खतरा ।

  • By Admin
  • March 25, 2026
  • 8 views
केदारनाथ यात्रा से पहले बदहाल सड़कें बनी चिंता, गौरीकुंड हाईवे पर जाम का खतरा ।

2027 कुंभ की तैयारी तेज: हरिद्वार में 50 करोड़ से मेला नियंत्रण भवन का होगा विस्तार

  • By Admin
  • March 25, 2026
  • 2 views
2027 कुंभ की तैयारी तेज: हरिद्वार में 50 करोड़ से मेला नियंत्रण भवन का होगा विस्तार

गाने से शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा, देहरादून छात्र हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा

  • By Admin
  • March 25, 2026
  • 4 views
गाने से शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा, देहरादून छात्र हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा