थाना प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में बीटेक छात्र की मौत के मामले में अब चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह विवाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार के गानों को लेकर शुरू हुआ था, जो धीरे-धीरे वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया और अंततः एक छात्र की जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी 22 वर्षीय दिव्यांशु, प्रेमनगर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था और पौंधा क्षेत्र के हॉस्टल में अपने दोस्तों के साथ रहता था। करीब दो महीने पहले विवाद उस समय शुरू हुआ, जब दिव्यांशु के दोस्तों ने विश्वविद्यालय के गेट के सामने कार में ‘छोरा जट्टा’ गाना बजाया। इसे बिहार के छात्रों के एक गुट ने चुनौती के रूप में लिया।
बताया जा रहा है कि इस बात को लेकर दोनों गुटों के बीच कई बार झड़प हुई और मामला लगातार बढ़ता गया। यहां तक कि आरोपी गुट दिव्यांशु की रेकी भी कर रहा था। 23 मार्च की रात जब दिव्यांशु प्रेमनगर बाजार में खाना खाने गया, तभी पहले से घात लगाए बैठे दूसरे गुट के छात्र वहां पहुंच गए।
आरोप है कि करीब 15 छात्रों ने मिलकर दिव्यांशु पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर मौके से फरार हो गए। बाद में एक दंपति ने घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले भी आरोपी गुट ने दिव्यांशु के साथियों पर कई बार हमला किया था। करीब 15 दिन पहले एक छात्र के साथ मारपीट कर उसके कपड़े फाड़ दिए गए थे। इसके बाद कुछ दिन बाद उसी छात्र की बाइक छीनकर उसे क्षतिग्रस्त कर जंगल में फेंक दिया गया था।
अन्य छात्रों के मुताबिक, आरोपी गुट खुद को “बिहार डिफाल्टर” के नाम से पहचान देता था और उसमें अधिकतर बिहार के छात्र शामिल थे। हालांकि, इस गुट के साथ अन्य राज्यों के छात्र भी जुड़े हुए थे। पुलिस को शक है कि घटना में कुछ बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं।
इस पूरे मामले में एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में सक्रिय ऐसे गुटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल छात्र गुटबाजी की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि कॉलेज परिसरों में बढ़ती हिंसा और असुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।






