नैनीताल: आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने कैंची धाम क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने प्रसिद्ध कैंची धाम का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एडीजी ने मंदिर परिसर, आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखने को कहा।
यातायात व्यवस्था को लेकर एडीजी ने अधिकारियों को एक प्रभावी और व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नो-पार्किंग जोन का स्पष्ट निर्धारण कर सख्ती से पालन कराया जाए, जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके।
पार्किंग सुविधाओं को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। एडीजी ने कहा कि चिन्हित पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय और साइनबोर्ड जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवा को और अधिक व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया, ताकि मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम हो सके।
इसके अलावा निर्माणाधीन पार्किंग स्थलों और बाईपास मार्गों के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाने और सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बेहतर पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए गए, ताकि भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति में त्वरित सूचना प्रसारित की जा सके।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ भवाली रविकांत सेमवाल, प्रभारी निरीक्षक भवाली प्रकाश सिंह मेहरा और यातायात निरीक्षक महेश चंद्रा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि कैंची धाम में नीम करौली बाबा के दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्यटन सीजन में बढ़ती भीड़ के चलते यहां यातायात व्यवस्था पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में इस बार पहले से ही व्यापक तैयारियां कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।






