देहरादून: राजधानी देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी हत्याकांड के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एक ओर जहां अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले भी किए गए हैं। बुधवार रात देहरादून में एक साथ 30 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए।
दरअसल, 30 मार्च को राजपुर थाना क्षेत्र के मसूरी रोड स्थित मालसी में मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की रोड रेज फायरिंग के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद आम लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद से पुलिस विभाग लगातार एक्शन मोड में है और अपराध नियंत्रण के लिए नई रणनीतियां बनाई जा रही हैं।
इसी कड़ी में एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए एक ही रात में 30 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए। कई थानों और चौकियों में नए प्रभारियों की तैनाती की गई है, जिससे कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी:
चौकी आईटी पार्क (राजपुर) से उप निरीक्षक अर्जुन गुसाईं को चौकी बाजार, विकासनगर भेजा गया है। प्रेमनगर के थानाध्यक्ष कुंदन राम को मानवाधिकार प्रकोष्ठ पुलिस कार्यालय भेजा गया है। नेहरू कॉलोनी के थानाध्यक्ष संजीत कुमार को रायपुर थाने की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, पुलिस लाइन में तैनात मनोज नौटियाल को नेहरू कॉलोनी का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। ऋषिकेश में तैनात उप निरीक्षक प्रवीन सैनी को राजपुर थाना क्षेत्र की कुठालगेट चौकी का प्रभारी बनाया गया है। पंकज कुमार को धर्मावाला चौकी (सहसपुर) की जिम्मेदारी दी गई है।
नगर कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक जगदंबा प्रसाद को रायवाला भेजा गया है, जबकि महिला उप निरीक्षक नीमा को एसआईएस शाखा में ट्रांसफर किया गया है। पटेलनगर से बलदीप सिंह को रानीपोखरी, कैलाश चंद्र को रायपुर और महावीर सिंह सजवाण को राजपुर थाना भेजा गया है।
अन्य तबादले भी हुए:
क्लेमेनटाउन से गिरीश चंद्र बडोनी को विकासनगर, राजपुर से बलवीर सिंह रावत को पटेलनगर और प्रेमनगर से महिला उप निरीक्षक मालिनी को कालसी भेजा गया है। इसी तरह कई अन्य उप निरीक्षकों और महिला उप निरीक्षकों को विभिन्न थानों और चौकियों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इसके अलावा पुलिस लाइन और एसआईएस शाखा से भी कई अधिकारियों का तबादला कर उन्हें फील्ड में तैनात किया गया है। एएनटीएफ समेत अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
ब्रिगेडियर हत्याकांड के बाद पुलिस विभाग की सक्रियता और इस बड़े पैमाने पर हुए तबादलों को कानून व्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इन बदलावों के बाद राजधानी में अपराध पर कितना अंकुश लग पाता है।






