पिथौरागढ़: सीमांत जिले पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला की दारमा घाटी सड़क पर गुरुवार देर रात आए एवलांच से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हालांकि, सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम ने शुक्रवार को कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को दोबारा खोल दिया, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, ग्राम बालिंग और दुग्तू के बीच ग्लेशियर प्वाइंट नाती पर देर रात बर्फ का विशाल पहाड़ सड़क पर आ गिरा। इस हिमस्खलन के कारण पूरी रात मार्ग बंद रहा। बीआरओ की 67 आरसीसी ग्रेफ के ओसी सौरभ कुमार ने बताया कि करीब 30 मीटर ऊंचा, 3 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा ग्लेशियर सड़क पर आ गया था, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह ओआईसी रघुराम, जेई अविनाश और करीब 10 मजदूरों की टीम को जेसीबी मशीन के साथ मौके पर भेजा गया। टीम ने करीब 3 से 4 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सड़क से बर्फ हटाकर मार्ग को यातायात के लिए सुचारु किया।
मार्ग बंद होने के चलते पंचाचूली दर्शन के लिए पहुंचे पर्यटकों को लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, पंचाचूली से लौट रहे 25 से अधिक पर्यटक रास्ते में ही फंस गए थे, जो सड़क खुलने के बाद धारचूला के लिए रवाना हो सके।
यह मार्ग दारमा घाटी के लिए जीवन रेखा माना जाता है और सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस रास्ते से सेना और अर्द्धसैनिक बलों की आवाजाही के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें भी पूरी होती हैं। साथ ही पंचाचूली, आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए भी यही मुख्य मार्ग है।
इन दिनों पंचाचूली क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है। वहीं अप्रैल महीने में धूप की तीव्रता बढ़ने से ताजा बर्फ के हिमखंड खिसकने लगते हैं, जिससे हिमस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। शुक्रवार को भी जिले में दिनभर बादल छाए रहे और ठंड का असर बना रहा।
इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की चुनौती और यात्रा के दौरान सतर्कता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।







