उत्तरकाशी: गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने में अब सिर्फ नौ दिन शेष हैं, लेकिन खराब मौसम और लगातार बर्फबारी के चलते यात्रा तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। निर्माण कार्य बाधित होने से तीर्थ पुरोहितों ने चिंता जताई है और समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की है।
बर्फबारी से निर्माण कार्य ठप
यमुनोत्री धाम में हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण धाम और पैदल मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य रुक गए हैं। सिंचाई विभाग द्वारा बनाए जा रहे चेंजिंग रूम, रसोईघर और अस्थायी पुलिया जैसे जरूरी कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
इसी तरह पैदल मार्ग के सुधारीकरण का कार्य भी मौसम की मार झेल रहा है, जिससे यात्रा की तैयारियों पर व्यापक असर पड़ा है।
तीर्थ पुरोहितों ने जताई चिंता
तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, गौरव उनियाल और प्रदीप उनियाल ने कहा कि लगातार बर्फबारी के कारण कार्यस्थलों पर काम नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विभाग समय पर काम शुरू करता, तो अब तक अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी होतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कार्य पूरे नहीं हुए, तो श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
गंगोत्री हाईवे पर भी खतरा
उत्तरकाशी से भटवाड़ी तक गंगोत्री हाईवे के लगभग 30 किलोमीटर क्षेत्र में आठ भूस्खलन जोन अब भी सक्रिय हैं, जिनका उपचार नहीं किया गया है।
नेताला, लालढांग और बिशनपुर जैसे क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जबकि कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और पहाड़ियों से लटकते बोल्डर यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं।
पिछले साल भी प्रभावित रही थी आवाजाही
बीते वर्ष आपदा के दौरान धराली क्षेत्र में भूस्खलन के चलते कई दिनों तक आवाजाही ठप रही थी। राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में तीन दिन का समय लग गया था।
प्रशासन का दावा- जल्द पूरी होंगी तैयारियां
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि बारिश और बर्फबारी के कारण कार्य प्रभावित हुए हैं, लेकिन मौसम साफ होते ही सभी विभागों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा शुरू होने से पहले धामों और सड़कों से जुड़े सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।






