विकासनगर: देहरादून जिले के विकासनगर स्थित सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में हुए विवाद और उसके बाद भड़की हिंसा के बीच इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की अफवाहों ने भी जोर पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर लगातार यह दावा किया जा रहा था कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। हालांकि पुलिस ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताया है।
विकासनगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) विवेक सिंह कुटियाल ने स्पष्ट किया है कि सहसपुर और विकासनगर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और इन्हें बंद नहीं किया गया है।
पुलिस ने अफवाहों का किया खंडन
सीओ विवेक सिंह कुटियाल ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने संबंधी भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जो पूरी तरह गलत हैं।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही ऐसी खबरों को आगे साझा करें। लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाएं क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकती हैं, इसलिए अफवाह फैलाने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पानी को लेकर विवाद ने लिया हिंसक रूप
दरअसल, शनिवार 13 जून की शाम सहसपुर क्षेत्र के ग्राम बैरागीवाला में खेत में पानी लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। पुलिस के अनुसार विवाद के दौरान एक पक्ष के 30 से 40 लोगों ने दूसरे पक्ष के एक ही परिवार के अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार के साथ मारपीट की।
आरोप है कि मारपीट के दौरान विनोद कुमार के सिर पर हथौड़े से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद भड़का आक्रोश
विनोद कुमार की मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। बताया जा रहा है कि विनोद कुमार भारतीय जनता पार्टी से जुड़े होने के साथ-साथ कई हिंदूवादी संगठनों से भी संबद्ध थे। घटना के विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।
गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घरों में आगजनी कर दी। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी। इस दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की घटनाएं सामने आईं और कुछ समय के लिए सड़क जाम करने का प्रयास भी किया गया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही पुलिस
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एसएसपी, एसपी सिटी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे और लगातार हालात की निगरानी करते रहे।
इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च और पैदल गश्त भी की। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए रविवार शाम देहरादून-पांवटा साहिब हाईवे पर आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात किया गया।
आरोपियों के घर पर चला बुलडोजर
घटना के बाद प्रशासन ने मुख्य आरोपियों के निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
अब तक चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में रज्जाक, अमन, यूनूस, जावेद, इम्तियाज, शहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, इंतेजार समेत 30 से 40 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
अब तक पुलिस चार आरोपियों—रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज—को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले वीडियो, फोटो और संदेशों की लगातार निगरानी की जा रही है। भ्रामक जानकारी फैलाने, अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीओ विवेक सिंह कुटियाल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो, फोटो या समाचार को सत्यापित किए बिना साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध या भ्रामक सामग्री दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल सहसपुर क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार इलाके में निगरानी बनाए हुए हैं तथा लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।






