हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में निर्जला एकादशी के अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर की पैड़ी समेत विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचकर मां गंगा में पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं। स्नान पर्व को लेकर पूरे शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल है, जबकि प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
सुबह से ही हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट और अन्य प्रमुख घाट श्रद्धालुओं से भरे नजर आए। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होगी तथा शाम की गंगा आरती तक लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच सकते हैं।
निर्जला एकादशी का विशेष महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने, गंगा स्नान करने तथा जल और अन्न का दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
धर्माचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार वर्षभर में कुल 24 एकादशियां आती हैं। पुराणों में वर्णित मान्यता के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश सभी एकादशियों का व्रत नहीं कर पाता है, तो केवल निर्जला एकादशी का व्रत रखने से उसे सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्यफल प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां गंगा की पूजा का विशेष महत्व माना गया है।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु
निर्जला एकादशी के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी आमद देखी जा रही है। श्रद्धालु गंगा में स्नान कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामना के लिए पूजा-अर्चना कर रहे हैं। घाटों पर दान-पुण्य का क्रम भी लगातार जारी है। कई श्रद्धालु जरूरतमंदों को जल, फल और अन्न का वितरण कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि निर्जला एकादशी का व्रत और गंगा स्नान जीवन में सुख, शांति और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है, इसलिए वे हर साल इस अवसर पर हरिद्वार पहुंचते हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। प्रमुख घाटों, पार्किंग स्थलों और प्रवेश मार्गों पर पुलिस कर्मी लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से भी पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
रूट डायवर्जन और भारी वाहनों पर रोक
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। साथ ही दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सोमवती अमावस्या जैसी भीड़ की संभावना
प्रशासन ने हाल ही में संपन्न हुए सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां की हैं। उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में करीब 75 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया था।
हालांकि उस समय सप्ताहांत होने के कारण रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी थी, लेकिन निर्जला एकादशी के अवसर पर भी लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कोई कोताही नहीं बरती है।
आस्था और श्रद्धा का संगम
निर्जला एकादशी के अवसर पर हरिद्वार में आस्था का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। मां गंगा के तट पर श्रद्धालु स्नान, पूजा, जप, तप और दान-पुण्य के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। धर्मनगरी में हर ओर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है, जबकि प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।






