चमोली: उत्तराखंड के सीमांत नगर जोशीमठ में भालू के हमले की घटना से दहशत फैल गई है। सिंहधार वार्ड में देर रात करीब तीन बजे भालू ने एक ही परिवार के चार लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। भालू से बचने के लिए भागते समय दो अन्य लोग भी चोटिल हो गए। हमले में एक गाय की मौत हो गई। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए घायलों को हायर सेंटर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गाय पर हमले के बाद परिवार के लोगों को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, सिंहधार वार्ड में भालू ने पहले एक गाय पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। गाय पर हमले के बाद परिवार के लोगों की नींद खुल गई। इसी दौरान भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
भालू के हमले में चार लोग घायल हुए, जबकि उससे बचने के प्रयास में दो अन्य लोगों को भी चोटें आईं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
घटना के बाद वन विभाग के खिलाफ लोगों में नाराजगी
घटना के बाद सिंहधार वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि गंभीर घटना के बावजूद विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची।
लोगों ने प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, वन विभाग की टीम तैनात करने और भालू की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
घायल को 15 हजार रुपये की तत्काल सहायता
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन क्षेत्राधिकार के अधिकारी आशीष जिरवान ने बताया कि भालू के हमले में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता राशि के रूप में 15 हजार रुपये दिए गए हैं। घायल का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने बताया कि घायल व्यक्ति को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की मांग
पहाड़ी क्षेत्रों में भालुओं की आबादी वाले इलाकों में बढ़ती आवाजाही मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या बनती जा रही है। जोशीमठ की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल, सिंहधार वार्ड के लोग भय के माहौल में हैं और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।







