ऋषिकेश: देहरादून जिले के ऋषिकेश में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भारत में रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला के पास से पश्चिम बंगाल के पते पर बना फर्जी आधार कार्ड और बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद हुआ है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
मामले का खुलासा करते हुए नीरज सेमवाल (सीओ) ने बताया कि 15 अप्रैल को स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को सूचना मिली थी कि ऋषिकेश क्षेत्र में एक बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खुफिया इकाई की संयुक्त टीम का गठन किया गया।
चेकिंग अभियान में पकड़ी गई संदिग्ध महिला
पुलिस टीम ने नटराज चौक क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर गेट नंबर-3, डग रोड के पास से एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान महिला ने अपनी पहचान रीना उर्फ रीता निवासी ढाका, बांग्लादेश के रूप में बताई। उसने खुलासा किया कि वह करीब एक महीने पहले ‘रिपोन’ नाम के व्यक्ति के संपर्क में आई थी, जिसने उसे सोशल मीडिया के जरिए भारत में रोजगार का झांसा दिया। इसके बाद वह अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुई।
महिला ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पश्चिम बंगाल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय आधार कार्ड बनवाया था। वह 13 अप्रैल को दिल्ली से बस के जरिए ऋषिकेश पहुंची थी।
बरामद हुए फर्जी दस्तावेज
पुलिस ने महिला के कब्जे से बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र, फर्जी भारतीय आधार कार्ड, नागरिकता प्रमाण पत्र की कॉपी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
कोतवाली ऋषिकेश में महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है, साथ ही आरोपी महिला से जुड़े नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में भी ऋषिकेश से एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया गया था, जो लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रही थी और उसने वोटर आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड समेत पासपोर्ट तक बनवा लिया था।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ और सख्ती बरतने की तैयारी में है।






