रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर से पर्यावरण को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां फल देने की तैयारी में खड़े आम और लीची के हरे-भरे पेड़ों पर आरी चला दी गई। मामला सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया और अब यह प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है।
12 बीघा बगीचे में अवैध कटान, स्थानीय लोगों में आक्रोश
मानिला विहार से सटे ग्राम सभा बैड़ाधाल में करीब 12 बीघा में फैले बगीचे में यह अवैध कटान हुआ है। खास बात यह है कि जिन पेड़ों पर बौर आ चुके थे और फल लगने शुरू हो गए थे, उन्हीं पेड़ों को काट दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूमाफिया लगातार इस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई कर रहे हैं और उन्हें किसी प्रकार का भय नहीं है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा बगीचा उजड़ सकता है।
50 से ज्यादा पेड़ों के कटान की पुष्टि
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मनीषा मारखाना (तहसीलदार) ने बताया कि शुरुआती जांच में 50 से अधिक पेड़ों के अवैध कटान की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र आंशिक रूप से तराई पश्चिमी वन प्रभाग और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है, ऐसे में दोनों विभागों को कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया है।
उद्यान विभाग करेगा विस्तृत जांच
उद्यान विभाग के अधिकारी अर्जुन सिंह परवाल ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पेड़ों की गिनती कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे तहसील प्रशासन को सौंपा जाएगा, ताकि दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सके।
सियासत भी गरमाई
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। वार्ड नंबर 19 के सभासद हेमंत सिंह बिष्ट ने कहा कि वह इस मुद्दे को उपजिलाधिकारी के समक्ष उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण पर उठे सवाल
अवैध कटान की इस घटना ने न केवल पर्यावरण संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई की गति पर भी निगाहें टिक गई हैं।
अब देखना होगा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कब तक ठोस कार्रवाई होती है और क्या इस बगीचे को पूरी तरह उजड़ने से बचाया जा सकेगा।






