रुद्रप्रयाग: जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से एक गंभीर हृदय रोगी की जान बचाने में सफलता मिली है। हार्ट अटैक से पीड़ित मरीज को समय रहते हेली एम्बुलेंस के जरिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
समय रहते मिला उपचार, लिया गया बड़ा निर्णय
जानकारी के अनुसार, जखोली निवासी 41 वर्षीय कुंदीलाल को हार्ट अटैक आने पर जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग लाया गया। यहां डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने थ्रोम्बोलिसिस और इंट्यूबेशन जैसी जरूरी प्रक्रियाएं कीं।
स्थिति नाजुक होने पर जिला प्रशासन ने तुरंत निर्णय लेते हुए यूकाडा के सहयोग से हेली एम्बुलेंस की व्यवस्था की। मरीज को गुलाबराय हेलीपैड से एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश के लिए रवाना किया गया।
हवाई सफर में भी जारी रहा इलाज
हेली एम्बुलेंस में मौजूद विशेषज्ञ मेडिकल टीम ने पूरे रास्ते मरीज की स्थिति पर नजर बनाए रखी और आवश्यक उपचार जारी रखा। सुरक्षित रूप से एम्स ऋषिकेश पहुंचने के बाद मरीज को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने आगे का उपचार शुरू किया।
बेहतर समन्वय से बची जान
इस जीवनरक्षक अभियान में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, चिकित्सक डॉ. अथिरा और डॉ. दीपिका कांडपाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, कैप्टन राजेश भारद्वाज और विक्रांत भारद्वाज समेत पूरी टीम की अहम भूमिका रही। सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित निर्णय के चलते मरीज की जान बचाई जा सकी।
पहाड़ी क्षेत्रों के लिए वरदान बनी हेली सेवा
यह घटना दर्शाती है कि दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में भी अगर समय पर समन्वय और सही फैसले लिए जाएं, तो गंभीर मरीजों को नई जिंदगी दी जा सकती है। हेली एम्बुलेंस सेवा ऐसे इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो समय पर जीवन और मृत्यु के बीच फर्क तय कर सकती है।
पहले भी हो चुका है सफल एयरलिफ्ट
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में अगस्त्यमुनि क्षेत्र के एक राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यरत प्रवक्ता को ब्रेन स्ट्रोक आने पर इसी तरह एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया था, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी थी।
इस तरह की त्वरित और समन्वित कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और प्रशासन की तत्परता का उदाहरण बन रही है।






