पिथौरागढ़:
जिला न्यायालय के आदेश के बाद पिथौरागढ़ के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) लोकेश्वर सिंह के खिलाफ कोतवाली पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तत्कालीन एसपी पर एक व्यापारी के साथ मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिथौरागढ़ निवासी व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिस क्वार्टर का गंदा पानी कॉलोनी में बह रहा था, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। इसी शिकायत को लेकर 6 फरवरी 2023 को वह अपनी बेटी के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे थे।
मारपीट और धमकी के आरोप:
व्यापारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें निर्वस्त्र कर पीटा और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। मेडिकल रिपोर्ट में उनके शरीर पर चोट के निशान की पुष्टि भी हुई थी। आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले में कोतवाली में शिकायत दर्ज करानी चाही, तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई:
पिथौरागढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद 7 अप्रैल 2026 को पुलिस को तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह समेत अन्य के खिलाफ धारा 323, 342, 355, 504, 506, 392 और 120 (बी) के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब कोतवाली पिथौरागढ़ में मामला दर्ज कर लिया गया है।
कोतवाल ललित मोहन जोशी ने पुष्टि की कि न्यायालय के निर्देशों के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है शिकायत:
व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी ने इस मामले की शिकायत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में भी की थी। प्राधिकरण ने सुनवाई के बाद आईपीएस अधिकारी लोकेश्वर सिंह को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी।
कौन हैं लोकेश्वर सिंह?
लोकेश्वर सिंह वर्ष 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी रहे हैं। उन्होंने हरिद्वार, देहरादून, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और पौड़ी जैसे कई जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं।
बताया जाता है कि पौड़ी में एसएसपी रहते हुए वर्ष 2025 में उनका चयन संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध एक अंतरराष्ट्रीय संगठन में हुआ था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था।
फिलहाल इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।







