देहरादून:
चारधाम यात्रा के दौरान जहां एक ओर श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाओं और भीड़ को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर सामने आ रहे कुछ वीडियो के बाद विपक्ष ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार का ध्यान यात्रा की व्यवस्थाओं पर नहीं, बल्कि “शोबाजी” पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है, क्योंकि मुख्यमंत्री और केंद्र नेतृत्व दोनों ही दिखावे की राजनीति में व्यस्त हैं।
यात्रा व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल:
गोदियाल ने कहा कि उन्हें पहले से ही अंदेशा था कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक केवल सड़क मार्ग से निरीक्षण करना पर्याप्त नहीं है। यदि वास्तविक स्थिति का आकलन करना होता, तो कठिन और संवेदनशील मार्गों का निरीक्षण किया जाना चाहिए था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष आई आपदा के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों और मूलभूत सुविधाओं का पुनर्निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकार को प्राथमिकता इन कार्यों को देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप:
गोदियाल ने कहा कि सरकार का फोकस व्यवस्थाओं पर नहीं, बल्कि राजस्व पर ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घोड़े-खच्चरों पर लगने वाले कर से होने वाली आय को भी खर्च कर दिया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति यात्रा में अव्यवस्थाओं की बात करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर डराने का प्रयास किया जाता है, जो उचित नहीं है।
श्रद्धालुओं से अपील:
हालांकि, गोदियाल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य श्रद्धालुओं में किसी प्रकार की दहशत फैलाना नहीं है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे पर्याप्त समय लेकर और पूरी तैयारी के साथ ही चारधाम यात्रा पर आएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
चारधाम यात्रा को लेकर जारी यह सियासी बयानबाजी अब आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है, जबकि प्रशासन यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।







